Ravish Kumar,अतीक अहमद मामले में कहानियां ज्यादा रिपोर्टिंग कम

Ravish Kumar,अतीक अहमद मामले में कहानियां ज्यादा रिपोर्टिंग कम

ravish kumar news,अतीक अहमद मामले में कहानियां ज्यादा रिपोर्टिंग कम

नमस्कार मैं रवीश कुमार इस तरह से आप टीवी चैनलों में बहुत दिनों से नहीं सुन पा रहे हैं क्योंकि रवीश कुमार ने टीवी चैनल एनडीटीवी इंडिया से इस्तीफा दे दिया था और अपना खुद का यूट्यूब चैनल के माध्यम से अपने चाहते दर्शकों से जुड़ने के लिए ट्यूटर व अन्य सोशल मीडिया का सहारा लिया है जिसमें उन्होंने गोदी मीडिया और मीडिया के सभी प्रमुख समाचार पत्र और tv channel का उदाहरण देकर समझाया है

जमकर गोदी मीडिया को घेरा है

दिखाया है और जमकर गोदी मीडिया को घेरा है अगर आपने नहीं देखा कि किस तरह बिल्किस बनो के हत्यारों को छोड़ा गया और उन्हें फूल माला पहनाया गया |इस तरह की बातें पूर्व ndtv tv channel  इंडिया के पत्रकार रवीश कुमार कह रहे हैं

 

ravish kumar news channel youtube

 

ravish kumar news इन बीते दिनों 5 साल के दरमियान कुछ नए social media में शब्द वायरल होते रहते हैं कुछ सत्तापक्ष और कुछ विपक्ष की तरफ से आरोप लगाए जाते हैं I गोदी मीडिया टुकड़े टुकड़े गैंग आदि

Ravish Kumar,अतीक अहमद मामले में कहानियां ज्यादा रिपोर्टिंग कम
Ravish Kumar,अतीक अहमद मामले में कहानियां ज्यादा रिपोर्टिंग कम

अधिकांश मीडिया सत्ता पक्ष के दबाव में खबरें लिखता है

मीडिया social media वैसे तो देखने में एक स्वतंत्र संस्थान हैं जो खबरों को स्वतंत्र रूप से निष्पक्ष रूप से प्रदान करता है, लेकिन अधिकांश मीडिया सत्ता पक्ष के दबाव में खबरें लिखता है

Ravish Kumar,अतीक अहमद मामले में कहानियां ज्यादा रिपोर्टिंग कम
Ravish Kumar,अतीक अहमद मामले में कहानियां ज्यादा रिपोर्टिंग कम

रवीश कुमार ने अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से एक वीडियो में भारत के अधिकांश बड़े-बड़े मीडिया संस्थान पेपर समाचार पत्र की हैडलाइन की स्क्रीनशॉट शेयर किया है

http://[embedpress]https://youtu.be/HI-3ToKG1Lk[/embedpress]

 

गोदी मीडिया क्या है

social media aur भारत में गोदी मीडिया एक उच्चारण है जिसे हिंदी में “godi media” या “godi media” कहा जाता है। यह एक नकली खबरों और भ्रामक खबर सामाजिक मुद्दों के लिए अनुचित तरीके से जोड़ा गया बयान है।

नकली समाचार, भ्रम और फर्जी न्यूज असत्य बयान

Godi Media एक प्रशंसक पत्रकारता का रूप लेता है जो नकली समाचार, भ्रम और फर्जी न्यूज असत्य बयान अन्वेरिफिकेशन न्यूज फैलाता है जो आमतौर पर एक विशिष्ट राजनीतिक दल या व्यक्ति की खुशी के लिए बनाए जाते हैं। इसे अक्सर उन channel और media के लोगों से जोड़ा जाता है social mediaजो राजनीतिक दलों और संगठनों से सम्बंधित होते हैं और इन दलों की नीतियों को प्रचार करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।

Ravish Kumar,अतीक अहमद मामले में कहानियां ज्यादा रिपोर्टिंग कम
Ravish Kumar,अतीक अहमद मामले में कहानियां ज्यादा रिपोर्टिंग कम

समर्थक आवाज को सुनाना

Godi Media का उद्देश्य न तो वास्तविकता निर्धारित करना होता है और न ही सामाजिक दुश्मनों या विरोधियों के बारे में सूचना प्रदान करना होता है। इसका उद्देश्य अपनी समर्थक आवाज को सुनाना होता है I

ajit anjum ka latest video

http://[embedpress]https://youtu.be/sfcl_4F0I-U[/embedpress]

मीडिया कहानियां बना रहा है

उन्होंने बहुत से media संस्थानों की भी channel और समाचार पत्रों की कटिंग को साझा किया है उन्होंने द इंडियन एक्सप्रेस पत्रिका समाचार पत्र दैनिक भास्कर पेपर और कई बड़े-बड़े चलो चैनल पर आरोप लगाया है कि यह चैनल अतीक अहमद 17 पुलिसकर्मियों की अभिरक्षा में 3 नौजवानों के द्वारा उसकी हत्या हो गई इस पर कोई सरकार से सवाल ना पूछे इसलिए यह मीडिया कहानियां बना रहा है

पीटीआई चैनल भ्रामक खबरें प्रसारित कर रहा

इसमें पीटीआई चैनल भ्रामक खबरें प्रसारित कर रहा है जिसको फिर अन्य मीडिया वेबसाइट ने शेयर किया I कुछ खबरों पर कुछ ने तो बाद में माफी भी मांग ली

खबरें अभी और भी हैं

कहानी अभी बाकी है


वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम

अजीत अंजुम एक भारतीय पत्रकार हैं जिन्हें विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के समाचारों के कवरेज के लिए जाना जाता है। उन्होंने अपनी रिपोर्टिंग के लिए कई अवार्ड जीते हैं जिसमें शामिल हैं रामनाथ गोविंदा पुरस्कार, एमपी उत्कृष्ट पत्रकार पुरस्कार, राष्ट्रीय समाचार पत्रकार अवार्ड आदि।

गंभीर विषयों पर अनेक रिपोर्टिंग की है

अंजुम ने दैनिक जागरण, अमर उजाला, बीबीसी हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक, एनडीटीवी, आदि के साथ काम किया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में गंभीर विषयों पर अनेक रिपोर्टिंग की है, जिसमें शामिल हैं मुजफ्फरनगर में हिंदू-मुस्लिम दंगों का कवरेज और उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर रिपोर्टिंग।
अंजुम एक सक्रिय सोशल मीडिया उपयोगकर्ता भी हैं और उनके पास ट्विटर पर 1.4 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं।

पत्रकार रवीश कुमार को कितने पुरस्कार मिले हैं

पत्रकार रवीश कुमार को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। उनके प्रमुख पुरस्कारों में नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड, रामनाथ गोविंदा पुरस्कार, एमपी उत्कृष्ट पत्रकार पुरस्कार, इंडियन टेलीविजन अवॉर्ड, राष्ट्रीय समाचार पत्रकार अवार्ड, इंटरनेशनल एमएमएस पुरस्कार, राजीव गाँधी जीवन और आदर्श पुरस्कार शामिल हैं।

रवीश कुमार बायोग्राफी इन हिंदी

 

रवीश कुमार भारत के प्रमुख पत्रकारों में से एक हैं। उन्होंने न्यूज़ इंडिया, एनडीटीवी, जनता टीवी जैसी प्रमुख न्यूज़ चैनलों में काम किया है।

 

रवीश कुमार का जन्म 17 अगस्त, 1974 को बिहार के जीतमदपुर गाँव में हुआ था। उन्होंने बिहार से अपनी स्नातक और स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की थी। उन्होंने पत्रकारिता में अपना करियर शुरू किया और बाद में न्यूज़ इंडिया, एनडीटीवी, जनता टीवी जैसी प्रमुख न्यूज़ चैनलों में काम किया।

एमपी उत्कृष्ट पत्रकार पुरस्कार

रवीश कुमार का उद्देश्य हमेशा समाज के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना रहा है। उन्होंने इस दौरान कई पुरस्कार भी जीते हैं, जिसमें नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड, एमपी उत्कृष्ट पत्रकार पुरस्का, इंडियन टेलीविजन अवॉर्ड, राष्ट्रीय समाचार पत्रकार अवार्ड, इंटरनेशनल एमएमएस पुरस्कार, राजीव गाँधी जीवन और आदर्श पुरस्कार शामिल हैं।

Who is Katrina’s boyfriend? This Friday’s opening ODI pits England against New Zealand. Sri Lanka vs Bangladesh Asia Cup 2023 Super 4 Clash: Intense Battle Unfolds in Colombo Spanish Football Federation Leaders Call for President Rubiales’ Resignation Following Controversial Incident Remembering Bray Wyatt: A Wrestling Legenyd’s Legac One Piece Live-Action Series: Global Release Times on Netflix Mother Teresa: A Beacon of Compassion and Humanity Livingstone’s Heroics Lead England to Series-Leveling Victory Kushi Movie Review: Vijay Deverakonda and Samantha Shine in Shiva Nirvana’s Romantic Entertainer ISRO New space mission chandrayaan -3